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वासुकीमुखी नागिनी मंत्र : नागिनी को सिद्ध करने की और प्रसन्न...

उस पात्र का जल २४ घण्टे बाद किसी वृक्ष पर चढ़ा दें। 

साधना के दौरान सभी तांत्रिक विधियों का पालन करें।

तेल, सुगन्ध, साबुन, पाउडर आदि का उपयोग न करें। 

कुछ नया जानने और सीखने की जादुई दुनिया !

अगले पन्ने पर सिद्ध होकर क्या हो जाएगा...

रोग निवारण: शाबर मंत्रों का उपयोग भूत-प्रेत बाधा, मानसिक तनाव, और शारीरिक रोगों को दूर करने के लिए किया जाता है।

गुरु मंत्र की दीक्षा लेना अनिवार्य है।

साधना आरम्भ से पूर्व मंत्र को कण्ठस्थ करके'जप करें। 

मृत्युंजय हवन, गणेश हवन, नवग्रह शांति... इत्यादि

ॐ गुरु जी कहे, चेला सुने, सुन के मन में गुने, नव ग्रहों का मंत्र, जपते पाप काटेंते, जीव मोक्ष पावंते, रिद्धि सिद्धि भंडार भरन्ते, ॐ आं चं मं बुं गुं शुं शं रां कें चैतन्य नव्ग्रहेभ्यो नमः

सामग्री का चयन और उपयोग:- मंत्र जाप में उपयोग होने वाली सामग्री जैसे दीपक, धूप और नैवेद्य ताजा और शुद्ध होना चाहिए। दीपक में देशी घी का उपयोग करें। 

तंत्र मंत्र की उत्पत्ति के तौर पर हिंदू read more धर्म को जाना जाता है क्योंकि इस दुनिया का सबसे पहला धर्म हिंदू धर्म ही है और इसीलिए इस दुनिया में जो भी विद्या या फिर साधनाएं आई है उसकी उत्पत्ति हिंदू धर्म के द्वारा ही हुई है.

ताकि वह ग्रहण काल में अपनी मनचाही सिद्धि कर पाए, ग्रहण काल में चाहे वैदिक मंत्र हो या फिर साबर मंत्र हो दोनों की सिद्धि की जा सकती है और दोनों ही मंत्र बड़ी जल्दी सिद्ध हो जाते हैं.

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